यह दिल क्यों माँगे मोर ?
हद हो गयी, मैंने बोला नहीं कि सभी जन समझ गये कि बात कोल्ड ड्रिंक की हो रही है ! तुमलोग तो बहुत ही इन्टेलिज़ेंट हो । चलो अच्छा है, मुझको अपनी बात ज़्यादा समझाना नहीं पड़ेगा । तुम सब को तो कल शाम की बिट्टू की हरकत याद है ना । उसने मुझे हराने की कितनी कोशिश की थी । अचपन जी बच्चों से बहुत प्यार करते हैं, तो यह कोई थोड़ी ना है कि हर बात मान लेंगे । तुम लोगों ने कहा कि बरसात में दो दिनों से घर में बंद बैठे है, हमने कहा चलो घुमा लाते हैं । ये तो ठीक था, लेकिन तन्मय जी ने बिट्टू को कुछ सिखा दिया और सब लोग फ़ुस्स फ़ुस्स करते एक दूसरे को, मेरी तरफ धकेलने लगे । मैं भी बच्चूजी सब समझता था, फिर बिट्टू ने फ़रमाईश की, " तन्नू भैय्या कोल्ड ड्रिंक पिलाने को कह रहे हैं, पिलाइये ना अभी । पिलाइये ना अचपन अंकल, पी ..लाई..ऎ, अंकल प्लीज़ पी ..लाई..ऎ । बिट्टू तो जैसे पीछे ही पड़ गयी । मैंने जैसे कुछ सुना ही नहीं, बस आगे एक कोल्ड ड्रिंक की दुकान के आगे बिट्टूजी के पैरों में ब्रेक लग गया, ऊँहुँ ऊँ, पिलाइये पिल्ल्लाः दिज़्जियाए ।
यह तन्मय हमेशा कुछ न कुछ मुसीबत खड़ी करता है । मैंने बिट्टू को समझाया, "अभी तो घूमने आये हैं, पैसे मेरे पास तो है नहीं, कल पिलायेंगे श्योर !" और भईय्या, वह बीच मार्केट में ही चिल्लाने लगी. "बड़े होकर भी झूठ बोलते हैं, मैंने देखा है आपने अपना वैलेट उस्स वाली ज़ेब में रख्खा था ।" लग रहा था कि मैं हार जाऊँगा, मेरे बड़े होकर भी झूठ बोलने की चोरी छोटी बच्ची ने खोल दी, अब्ब ! " देखो कोल्ड ड्रिंक गंदी चीज होती है, आगे तुमको कुछ और पिलाऊँगा ।" नहिंनहिंनहिं नहीं, अभी इछि वखत पिलाइये, गंदी चीज है तो बिक कैसे रही है, पुलिस इनको ज़ेल में क्यों नहीं बंद करती ? " बिट्टू बेटा, दाँत सड़ जाते हैं, गल जाते हैं, बात माना करो ।" मैंनें फिर समझाने की कोशिश की । बिट्टूजी सहम गयीं, लेकिन दुष्ट तन्मय.. बोला," अभी कुछ दिनों में तो इसके ये वाले दाँत टूट ही जाने हैं, फिर नये दाँत भी आ ही जायेंगे ।" पाज़ी कहीं का, वकील बनेगा । मैंनें डाँटना चाहा, लेकिन सामने एक साइबरकैफ़े दिख गया और तीनोंजन को वहाँ ले जाकर कुछ दिखलाया, तुम भी देखो
मिस्टर तन्मय कल ही मुझसे भिड़े थे कि नेट पर सभी जानकारी अप टू डेट और सच्ची होती है, वह तो इधर उधर झाँकने लगे । अच्छी बिट्टू, समझदार बिट्टू ने धीरे से कहा, "ठीक है, छोड़ दीजिये फिर!" बेचारी बिट्टूजी को तन्मय ने ऎसा बहकाया कि वह आज नकली वाली कोल्ड ड्रिंक पी ही लेती । जानते हो, यह शैतान बिना किसी टेस्ट के ऎसे ही देख लेते हैं कि पकड़े तो नहीं जायेंगे ? कुछ असली वाली ड्रिंक की बोतलों से अपने बनाये वाले का रंग मिला कर देख लिया,और छुट्टी राम छुट्टी!
क्या अभी भी कोई कह रहा है कि, " यह दिल माँगे मोर ? " आमिर हों या शाहरुख, तुम तो इस चक्कर में पड़ना भी नहीं ! बिट्टूजी ने मज़े से कुल्फ़ी खायी और अमूलकूल वाला मिल्क बादाम पिया, और कोल्ड ड्रिंक वाले को बोला, ‘ जै राम जी की ! ‘
| Print article | This entry was posted by अचपन जी on June 21, 2008 at 2:12 pm, and is filed under छिः गंदे. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |



about 3 years ago
फोटो के साथ बताने का शुक्रिया।
आजकल नकली कोल्ड ड्रिंक कुछ ज्यादा ही मिलने लग गई है।
अच्छा हुआ जो बिट्टू जी आपकी बात मान गई। :)
about 3 years ago
chitron ke liye bahut dhanyawad.sab ko dikhane ke kam aayegi.
about 3 years ago
amar jee kya apne blogroll me aapko samil kar sakti hun? agr han to meri gli(sanchika) me aake tiptipa jaiyega.
about 3 years ago
आपके तीन महत्त्वपूर्ण प्रयास देखे.
कोई भी उन्नीस नहीं.
आपका अंदाज़-जुदागाना!
बहुत खूब .
about 3 years ago
papa its an eye opener………..very nice…….